पंचायत वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने पर बढ़ी चर्चा, स्मृति ईरानी को शामिल करने की मांग तेज

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Buzz grows over absence of name from Panchayat voter list

अमेठी। Buzz grows over absence of name from Panchayat voter list, पूर्व केंद्रीय मंत्री व अमेठी की पूर्व सांसद स्मृति इरानी का नाम लोक सभा व विधान सभा की मतदाता सूची में दर्ज है। अभी पांच माह पहले हुए एसआईआर में स्मृति इरानी ने अपना फॉर्म भी भरवाया था।

पंचायत की 2021 की पुरानी मतदाता सूची में भी उनका नाम नहीं था और न ही इस बार नाम जोड़वाने के लिए स्मृति की ओर से कोई आवेदन ही किया गया है। प्रशासन आवेदन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कह रहा है।

वहीं शुक्रवार को गौरीगंज के मेदन मवई ग्राम पंचायत की महिला ग्राम प्रधान बबिता मिश्रा ने निर्वाचन अधिकारी गौरीगंज को पत्र लिखकर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी का नाम अपनी ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में जोड़ने की मांग की है। मेदन मवई गांव की लोक सभा व विधान सभा चुनाव की मतदाता सूची में स्मृति का नाम दर्ज है और स्थायी आवास भी गांव में ही बना हुआ है।

पत्र में कहा गया है कि स्मृति इरानी का स्थायी आवास मेदनमवई ग्राम पंचायत में स्थित है और वह यहां की स्थायी निवासी हैं। उनका नाम पहले से विधानसभा एवं लोकसभा की एसआईआर-2026 मतदाता सूची में दर्ज है, इसलिए पंचायत मतदाता सूची में भी उनका नाम शामिल किया जाना चाहिए।

यह मांग ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल ही में जारी पंचायत मतदाता सूची में स्मृति इरानी का नाम शामिल नहीं होने को लेकर जिले में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई थीं। सूची में नाम न होने के बाद विभिन्न स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे थे।

ग्राम प्रधान ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि चूंकि स्मृति इरानी का निवास और आवासीय पता मेदनमवई ग्राम पंचायत में है, इसलिए उन्हें पंचायत मतदाता सूची में शामिल किया जाना न्यायोचित और नियमसम्मत होगा।

उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से अनुरोध किया है कि आवश्यक जांच के बाद उनका नाम पंचायत मतदाता सूची-2026 में दर्ज कराया जाए।भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने कहा कि दीदी स्मृति ग्राम पंचायत की स्थायी निवासी हैं।

ऐसे में उनका नाम ग्राम पंचायत के मतदाता के रूप में सूचीबद्ध किया जाना चाहिए, ताकि वह पंचायत चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

एडीएम से पूरे मामले की जांच करवाई गई है। जांच में पता चला है कि पूर्व सांसद का नाम पुरानी मतदाता सूची में नहीं था और न ही उनके द्वारा नाम जोड़ने का कोई आवेदन ही मिला है। आवेदन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ग्राम प्रधान का पत्र मिला है। -संजय चौहान, डीएम अमेठी।